
मुझे याद है वो दिन, जब मैंने उसे देखा था...
मुझे याद है वो दिन, जब मैंने उससे बातें की थी...
मुझे याद है वो दिन, जब वो मुस्कुराई थी...
मुझे याद है वो दिन, जब वो नाराज़ हुई थी...
मुझे याद है वो दिन, जब वो चली गई थी..
मुझे इंतज़ार है उस दिन का, जब में उसे फिर से देखूंगा..
[:D] [:D]
4 comments:
अच्छी कविता है।
हिन्दी में और भी लिखिये। यदि हिन्दी में ही लिखने की सोचें तो अपने चिट्ठे को हिन्दी फीड एग्रगेटर के साथ पंजीकृत करा लें। इनकी सूची यहां है।
कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। यह न केवल मेरी उम्र के लोगों को तंग करता है पर लोगों को टिप्पणी करने से भी हतोत्साहित करता है।
sahi me koi thi kya?
ha ha ..nahi koi nahi thi..
Post a Comment